मुर्तद की सज़ा हनाफ में.

 गुस्ताख़ ए रसूल की एक ही सज़ा सर तन से जुदा.  ये नारा जो पाकिस्तान के शिद्दत पसन्द मौलवियों ने दिया है. भारत और पाकिस्तान में मुसलामानों की अकसरियत इमाम ए आज़म हज़रत अबू हनीफ़ा को मानने वाली है. इसलिए हमें ये देखना चाहिए कि इस मसले पर इमाम ए आज़म का क्या कहना है. शत्म ए रसूल यानी रसूल को बुरा भला कहने के मामले में इमाम  अबू सुलैमान ख़त्ताबी हज़रत अबू हनीफ़ा का कौल नकल करते हैं कि 


وحكي عن أبي حنيفة أنه قال : لا يقتل الذمي بشتم النبي صلى

الله عليه وسلم ما هم عليه من الشرك أعظم


हज़रत इमाम अबू हनीफ़ा से मरवी है कि उन्होंने फ़रमाया कि नबी करीम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताख़ी की वजह से किसी ग़ैर मुस्लिम शहरी को क़त्ल नहीं किया जाएगा क्यूंकि जिस शिर्क पर वो पहले से है वो सब बड़ा जुर्म है


(मआलिमुस सुनन शरह अबू दाऊद जिल्द 3 पेज 296)


 इमाम आज़म अबू हनीफ़  और उनके तमाम शागिर्दों का यही मौक़िफ है कि नबी करीम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताखी करने वाले को क़त्ल नहीं किया जाएगा कोई और सज़ा दी जाएगी. इमाम तहावी, इमाम हज़रत सुफ़ियान सौरी का भी यही मौक़िफ़ है.


जब ये वाज़ेह हो गया कि गुस्ताख़ की सज़ा क़त्ल नहीं है तो फिर उसके हिमायती की क़त्ल का क्या जवाज़ हो सकता है? वो भी इस दीदा दिलेरी के साथ?


उदयपुर में किए जाना वाला क़त्ल पूरी इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है. अल्लाह के रसूल के नाम पर इस क़िस्म के खून ख़राबे को किसी भी तरह  डिफेंड नहीं किया जा सकता और न ही इसे जस्टिफ़ाई किया जा सकता है जल्द से क़ातिलों को फांसी पर लटका देना चाहिए जिन्होंने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियों में आग लगा दी. 


भारत सरकार पाकिस्तान के दीवाने और वीडियो बाज मौलवियों की ज़हरीली वीडियो पर फौरन पाबंदी लगाए. भारत जैसे मुल्क जहां अलग अलग मज़हब को मानने वाले लोग रहते हैं वहाँ ऐसी बातों के लिए ज़ीरो टोलरेंस होना चाहिए सोशल मीडिया पर जो कोई इनके वीडियो शेयर करे उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए वर्ना आइंदा भी ऐसा होने के पूरे इमकान हैं.


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